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भारत के गाँवों में करोड़ों लोग हैं जिनके पास बुनियादी समस्याओं का हल नहीं है — न जानकारी है, न पहुँच है, न कोई सुनने वाला है। सरकारी योजनाएं हैं, कानून हैं, अधिकार हैं — लेकिन उन तक पहुँचने का रास्ता नहीं पता।
LokSahayak इसी खाई को भरने के लिए बना है।
Abhishek Singh और Nikhil Pandey — दोनों IIT Kharagpur के इंजीनियर, दोनों की जड़ें भारत की उसी मिट्टी में जो रोज़ इन समस्याओं को जीती है — ने तय किया कि तकनीक और ज़मीनी काम को एक साथ लाकर एक ऐसा मंच बनाया जाए जहाँ हर ज़रूरतमंद को तुरंत, सही, और मुफ्त मदद मिले।
Mahesh Maurya और Pulin Foundation की टीम इस मिशन की रीढ़ है — वर्षों के ज़मीनी अनुभव और हज़ारों लोगों की ज़िंदगियों को छूने का इतिहास लेकर।
हर भारतीय को — चाहे वो कहीं भी हो, किसी भी भाषा में बोलता हो — उसकी हर समस्या का तुरंत, सटीक, और मुफ्त समाधान देना।
To deliver instant, accurate, and free solutions to every Indian — regardless of location, language, or literacy — for any problem they face.
एक ऐसा भारत जहाँ कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों से अनजान न रहे, और किसी की भी समस्या बिना मदद के न रहे।
An India where no person remains unaware of their rights, and no problem goes unaddressed.